भारत ब्लॉक बैठक: संसद में 21 जुलाई से मानसून सत्र की शुरुआत होगी. इसे लेकर इंडिया गठबंधन केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में जुटा हुआ है. विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने शनिवार (19 जुलाई, 2025) को वर्चुअल मीटिंग की, जिसमें मानसून सत्र की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई.
इस ऑनलाइन बैठक में इंडिया गठबंधन मे शामिल 24 दलों ने हिस्सा लिया. बैठक में सभी दलों ने अलग-अलग कुछ ज़रूरी बातें रखीं, जिसे साथ मिलकर सदन में उठाने पर चर्चा हुई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इंडिया गठबंधन की इस बैठक में सभी 24 दलों में सहमति बनी कि पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के मामले में सेना के शौर्य को सलाम करते हुए सरकार से इन मुद्दों पर बहस और PM मोदी के जवाब की मांग की जाए.
बैठक में AAP नहीं हुई शामिल
विपक्ष के नेताओं ने ये भी तय किया कि जब अबकी बार ट्रंप सरकार और नमस्ते ट्रंप मोदी जी ने किया तो जवाब कोई और मंत्री इस पर क्यों देगा. हालांकि सोनिया गांधी के नेतृत्व के नाम पर बुलाई गई इस बैठक में सोनिया खुद राहुल के साथ जुड़ीं जरूर, लेकिन वो खामोश रहीं. वहीं AAP को नहीं बुलाए जाने पर या उनकी अनुपस्थिति पर किसी तरह की कोई बात बैठक में नहीं हुई.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में उद्धव ठाकरे, संजय राउत के साथ एक फ्रेम दिखे. हालांकि बैठक में संजय राउत खामोश रहे. उद्धव ने कहा कि पहलगाम हमला इंटेलिजेंस की चूक है और अभी तक हमला करने वाले आतंकी पकड़े नहीं गए. ये बड़ा मसला है.
अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस की ओर से बैठक में शामिल हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पहलगाम मुद्दे के हर आयाम पर विपक्ष के साथ हैं, लेकिन सरकार विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है और इलेक्शन कमीशन SIR के जरिए वोटबंदी करने में जुटा है, इसका विरोध होना चाहिए. साथ ही पेगासस के जरिए विपक्षियों की जासूसी का मुद्दा भी उन्होने उठाया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी को सुनने के बाद कहा कि जिन मुद्दों पर सहमति बनी उनको फाइनल कर सबको बता दिया गया है और संसद के दोनों सदनों में मिलकर इन मुद्दों को उठाने की वकालत भी की.
राहुल गांधी ने क्या दी सलाह?
सूत्रों से मिली एक और जानकारी के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी बिखराव का फायदा सत्ता पक्ष उठा सकता है, इसलिए हमको एकजुट रहकर सरकार से सवाल करने हैं और प्रधानमंत्री से जवाब लेना है. हमें पहले मिलकर मुद्दों की प्राथमिकता तय करके संसद में एकजुट दिखना चाहिए.
डी राजा ने राहुल गांधी के बयान पर क्या कहा?
इस दौरान केरल में राहुल के लेफ्ट और आरएसएस को समान बताने वाला बयान भी उठा. लेफ्ट नेता डी राजा ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि इंडिया ब्लॉक के बड़े नेताओं को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे कैडर में कन्फ्यूजन हो और साथ दिखने में समस्या हो. कम से कम आरएसएस जैसे संगठन के साथ लेफ्ट को रखना गलत है.
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