शेयर बाजार पर आधारित फिल्में: शेयर मार्केट (Share Market) की कैसी हालत है ये किसी से छुपा नहीं हुआ है. अक्टूबर 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक लगातार 4 महीनों तक NIFTY 50 नेगेटिव रहा है. जो समय चल रहा है वैसा सालों बाद या यूं कहें कि कभी कभी ही होता है. ऐसा आखिरी बार 24 साल पहले 2001 में हुआ था.
अब फरवरी का महीना भी लगभग पूरा जा चुका है. और इस महीने भी अभी तक मार्केट पॉजिटिव साइन नहीं दिखा रही. अगर ये पूरा महीना भी ऐसे ही नेगेटिव जाता है, तो ये अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा. क्योंकि ऐसा 29 साल पहले यानी 1996 में हुआ था, जब लगातार 5 महीनों तक मार्केट नेगेटिव रहा है.
अब ऐसे समय में एक्सपर्ट बहुत सी सलाह देते हैं, जिनमें से सबसे खास सलाह ये है कि ‘पेशेंस’ बनाकर रखें. और आपको ढांढस बंधाने के लिए हम दुनियाभर से चुनकर कुछ ऐसी फिल्मों की लिस्ट लाए हैं जो शेयर मार्केट पर ही बेस्ड हैं. इन्हें आपको एक बार जरूर देखना चाहिए. इन्हें देखने के बाद आप मार्केट को समझ पाएं या नहीं, लेकिन मार्केंट में सेंटीमेंट कैसे काम करता है ये जरूर समझ पाएंगे.
ट्रेडिंग प्लेसेस
जॉन लैंडिस के निर्देशन में बनी ये कॉमेडी फिल्म 1983 में आई थी. इस फिल्म में इनसाइडर ट्रेडिंग और पैसे की ताकत जैसी जरूरी चीजों के बारे में हंसते – मुस्कुराते हुए जानेंगे. और ये भी जानेंगे कि बाजार जैसी सीरियस चीज को उतना भी सीरियस नहीं लेना है कि स्ट्रेस हो जाए.
वॉल स्ट्रीट
डायरेक्टर ओलिवर स्टोन के निर्देशन में बनी 1987 की इस फिल्म में आपको इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading), बाजार में होने वाले हेरफेर और फाइनेंशियल वर्ल्ड में सामने आने वाली दुविधाओं के बारे में कमाल की जानकारी मिलेगी. इस फिल्म का एक डायलॉग उस जमाने में अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली लाइन तक बन चुकी थी- ‘ग्रीड इज गुड’. आपको ये फिल्म स्टॉक ट्रेडिंग का छुपा हुआ सच समझने के लिए देखनी चाहिए.
इनसाइड जॉब
2010 में आई चार्ल्स फर्ग्युसन के निर्देशन में बनी ये डॉक्युमेंट्री उस करप्शन और लालच को खुलकर सामने लाती है, जिसकी वजह से 2008 की मंदी का असर पूरी दुनिया में हुआ था. इसमें अर्थशास्त्रियों, पॉलिटिशियन और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के इंटरव्यू भी देखने को मिलेंगे, जो आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाएंगे. आप इसे देखकर आर्थिक मंदी के वास्तविक कारण आसानी से समझ पाएंगे. बता दें कि इसे ऑस्कर भी मिल चुका है.
रोग ट्रेडर
साल 1999 की इस फिल्म को डायरेक्टर जेम्स डेयरडन ने बनया है. इस फिल्म को देखने के बाद आप हाई रिस्क वाली ट्रेडिंग से जुड़े रिस्क को परफेक्ट तरीके से समझ पाएंगे. आप इसे देखकर ये भी समझ पाएंगे कि रिस्क लेने वाले और लालच में फंसे एक इंसान के फैसलों ने 233 साल पुराने बैंक तक को बर्बाद कर दिया.
बाजार
ये फिल्म हॉलीवुड की नहीं बल्कि बॉलीवुड की थी. 2018 में आई गौरव के चावला के निर्देशन में बनी इस फिल्म को देखने के बाद आप समझ पाएंगे कि कैसे कार्पोरेट लालच की अंधेरी दुनिया में फंसने से बचना चाहिए. फिल्म इनसाइडर ट्रेडिंग से लेकर बाजार के करप्शन पर अच्छे से नजर डालती है. ये फिल्म देखते समय आप मार्केट का कामकाज समझने के साथ सस्पेंस और ड्रामा का मजा भी ले पाएंगे.