मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए सभाकक्ष में सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतर विभागीय समन्वय एवं कार्यालय गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुपस्थित कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल जयनगर, कार्यपालक
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जिलाधिकारी ने पंचायत राज पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी जर्जर या मरम्मत योग्य सामुदायिक भवनों को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए। सभी अंचलाधिकारियों (सीओ) को शनिवार शाम तक सभी सामुदायिक भवनों की स्थिति को ‘मधुबनी फर्स्ट’ पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने यह भी कहा कि जिन विभागों के भवनों को उनके स्तर से स्वीकृति मिल गई है, उनके लिए भूमि अविलंब उपलब्ध कराई जाए।
अतिक्रमणवाद दायर करने का दिया निर्देश
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित अभियंताओं को अतिक्रमित सड़कों को चिह्नित कर अतिक्रमणवाद दायर करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी के बाद अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक स्तर पर प्रभावी अभियान चलाया जाएगा।
ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल जैसे विभागों को भू-अर्जन, कार्यालयों एवं योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी जैसे मामलों का अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया गया।
अंतरविभागीय मामलों का तुरंत करें समाधान
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरविभागीय मामलों का तुरंत समाधान करें ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग भूमि की उपलब्धता और भू-अर्जन जैसे मामलों को सीधे ‘मधुबनी फर्स्ट’ पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि अपर समाहर्ता (राजस्व) द्वारा उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने जिला नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सीपी ग्राम, मुख्यमंत्री जनता दरबार कार्यक्रम में प्राप्त आवेदन, उच्च न्यायालय में चल रहे मामले, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से संबंधित मामलों की भी बारी-बारी से समीक्षा की।
ICDS विभागों में सबसे अधिक आवेदन लंबित
मुख्यमंत्री जनता दरबार एवं जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा के दौरान पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सबसे अधिक आवेदन लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय और जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।