रायसेन में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। धूप और गर्मी से जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं किसानों के धान के खेत भी खाली पड़े हैं। बारिश न होने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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मानसून का एक महीना बीत जाने के बाद भी जिले की चार तहसीलों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। रायसेन, सुल्तानपुर, गौहरगंज और बाड़ी में अभी तक 38 प्रतिशत भी वर्षा नहीं हुई है। जिन खेतों में धान लग चुकी है, वहां बारिश के अभाव में दरारें पड़ने लगी हैं।
किसान फसल बचाने के लिए ट्यूबवेल से खेतों को भर रहे हैं। लेकिन बिजली की अनियमितता से परेशानी बढ़ गई है। खेती के लिए 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, पर 7-8 घंटे भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
जिले में धान की फसल का लक्ष्य 2 लाख 92 हजार हेक्टेयर है। अब तक केवल 60 प्रतिशत क्षेत्र में ही रोपाई हो पाई है। शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र अभी खाली है। रायसेन, गौहरगंज, सुल्तानपुर, बाड़ी, बरेली और उदयपुरा क्षेत्र में धान की खेती ज्यादा होती है।
किसान सुरेश कुशवाहा, बृजेंद्र बघेल और मिट्ठू लाल मीणा का कहना है कि धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त पानी जरूरी है। बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं। मजबूरी में ट्यूबवेल से खेतों को भरना पड़ रहा है।
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