शाहजहांपुर में गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। पुवायां थाना क्षेत्र में बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार निगोही के रामनगर बगिया निवासी अरुण, उनकी पत्नी सीमा, बेटा नैतिक और बेटी दीक्षा ने दम तोड़ दिया। परिवार में 12 वर्षीय बेटी प्रयांशी अकेली बची है। शुक्रवार को पति पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। वही दोनो बच्चों के शवों को दफनाया गया। हादसे के बाद
प्रयांशी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने अपने माता-पिता और भाई-बहन को खो दिया है। बेटी बोली- मां कहकर गई थी दो दिन में वापस आ जाऊंगी
प्रयांशी ने बताया कि उसकी मां घर आकर फ्रिज खरीदने वाली थीं। उसने कहा- मां ने कहा था कि बेटा परेशान न होना, दो दिन में वापस आ जाएंगे। प्रयांशी के पिता दो कट्टे गेहूं बेचकर शादी में गए थे। प्रयांशी को पहले बताया गया था कि उसके माता-पिता और भाई-बहन को बोतलें चढ़ाई जा रही हैं और वे ठीक हैं। हालांकि, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उसने फेसबुक पर अपने परिवार के दुर्घटना संबंधी वीडियो और तस्वीरें देखीं, जिसके बाद उसे सच्चाई का पता चला और वह फूट-फूटकर रोने लगी।
परिजनों ने विधायक से कहा- बहू के जेवर नहीं मिले
परिजनों ने भाजपा विधायक से मुलाकात कर बताया कि बहू (सीमा) के कोई भी जेवर नहीं मिले हैं। विधायक ने इंस्पेक्टर को इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवार को प्रयांशी की पढ़ाई से लेकर शादी तक की व्यवस्था कराने का आश्वासन भी दिया है। शुक्रवार को भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि हर संभव मदद की जाएगी। परिजनों ने कहा कि सीमा शादी से लौट रही थी। वह जेवर पहने थी। लेकिन उसके पास एक भी जेवर नही मिला। विधायक ने फौरन इंस्पेक्टर से बात की। इंस्पेक्टर ने कहा कि हादसे के बाद जब वह मौके पर गए थे पहले से काफी लोग थे । उनको जेवर नही मिले। परिजनों ने विधायक से कहा कि शव जब पोस्टमार्टम हाउस पर गया तो वहां पर भी जेवर नही मिला। विधायक ने इंस्पेक्टर से कहा कि हादसे की पहली सूचना देने वाले से जानकारी करिए।वहीं उन्होंने एसडीएम से फोन लगाकर कहा कि पूरा परिवार खत्म हो गया। एक बेटी बची है। उसकी पढ़ाई लिखाई से लेकर उसकी शादी तक कि व्यवस्था सरकार की तरफ से कराना है। इसके लिए आप तैयारी शुरू कर दीजिए। जहां पर दिक्कत आए मुझे बताना।
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