आंगनबाड़ी सेविका की बेटी बनी कृषि अधिकारी: मोनिका ठाकुर ने BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की, 3 साल की उम्र में पिता की हुई थी मौत – Saharsa News

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सहरसा रे नवहट्टा प्रखंड की रहने वाली मोनिका ठाकुर ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर सबडिविजनल एग्रीकल्चर ऑफिसर का पद प्राप्त किया है। उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है।

पिता का साया बचपन में उठा

मोनिका के पिता स्वर्गीय अमरेश ठाकुर का देहांत उस समय हो गया था, जब वह केवल तीन साल की थीं। उनके परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां सुनीता देवी ने उठाई, जो एक आंगनबाड़ी सेविका के रूप में काम करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सुनीता देवी ने अपने बच्चों की परवरिश और शिक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी।

शैक्षणिक प्रदर्शन रहा शानदार

मोनिका बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने शांति मिशन एकेडमी बरियाही से 10वीं कक्षा में 91.2% और 12वीं कक्षा में 84.5% अंक प्राप्त किए। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बिहार एग्रीकल्चर कॉलेज, सबौर, भागलपुर से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित आईसीएआर-आईआरआई से एमएससी कर रही हैं।

परिवार में खुशी का माहौल

तीन भाई-बहनों में मंझली मोनिका की इस उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। उनकी बड़ी बहन रुचिका गुजरात में रहती हैं, जबकि छोटा भाई प्रबोध ठाकुर व्यवसाय करता है। मोनिका की सफलता ने उनके परिवार का नाम रोशन किया है और समाज को यह संदेश दिया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

मोनिका का संदेश

अपनी सफलता पर मोनिका ने अपनी माँ को प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने कहा, “माँ के संघर्ष और उनके बलिदानों ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरी सफलताका श्रेय उनकी मेहनत और मेरे शिक्षकों को जाता है।”



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