अजमेर के सदर कोतवाली क्षेत्र के प्रभात सिनेमा के पास एक मवेशी की मौत ने तनाव का रूप ले लिया। पड़ोसी पर मवेशी को जहर देने का आरोप लगाते हुए दो पक्ष आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट के साथ एक पक्ष के घर में तोड़फोड़ कर दी गई। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे माहौल और गर्मा गया। देर रात तक कोतवाली थाने में दोनों पक्षों और पुलिस के बीच वार्ता चलती रही। प्रभात सिनेमा के पास रहने वाले अनिल गुर्जर के मवेशी की बुधवार को मौत हो गई। अनिल का अपनी पड़ोसी मीता गौतम से मवेशी को लेकर पहले भी विवाद चल रहा था। मवेशी की अचानक मौत हुई तो अनिल के परिजनों ने मीता पर जहर देने का आरोप लगाया। मीता के समर्थन में पड़ोसी वकील अमिता और उनके पति पिंटू आए, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अनिल पक्ष के लोगों ने अमिता और पिंटू के साथ मारपीट की और उनके घर की खिड़कियां तोड़ दीं। सूचना मिलने पर कोतवाली और क्लॉक टावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। अनिल गुर्जर पक्ष मवेशी को जहर देने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहा था, वहीं दूसरा पक्ष मारपीट और तोड़फोड़ के खिलाफ अड़ा था। पोस्टमार्टम के बिना ही शव ले गई निगम की टीम इस पूरे मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह खड़ी हो गई कि जिस मवेशी की मौत को लेकर इतना बड़ा बवाल हुआ, उसका शव ही मौके पर नहीं मिला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही नगर निगम की मृत पशु उठाने वाली टीम शव लेकर रवाना हो गई थी। शव न होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों की जांच की जा रही है।
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