पूर्णिया जिले के अमौर में बुधवार को जनाजे में जा रहे कुछ लोग थर्माकोल की नाव बनाकर नदी पार करने लगे। अचानक नाव डगमगाने लगी, फिर पलट गई। लोगों ने जैसे-तैसे तैरकर और एक-दूसरे के सहारे किनारे आकर अपनी जान बचाई।
बिहार के पूर्णिया जिले के अमौर में दास नदी में बुधवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। लोगों ने थर्माकोल की नाव बनाकर नदी में उतार दी। फिर वे उस पर सवार होकर जनाजे में शामिल होने के लिए निकल पड़े। तभी अचानक नदी के अंदर नाव पलटने लगी, जिससे उस पर सवार लोगों की जान आफत में आ गई। यह घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुई। दरअसल, इस इलाके में पुल की कमी के चलते कई सालों से आवागमन में परेशानी हो रही है। कई लोग अपने परिजन को खो भी चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक भागताहिर गांव निवासी जमील का अचानक निधन हो गया था। नजदीकी कब्रिस्तान में बाढ़ की वजह से शव को दफनाना संभव नहीं था। इसलिए लोग जनाजा लेकर नदी के रास्ते हरिपुर कब्रिस्तान में शव को दफनाने के लिए ले जाने लगे। शव को लोगों ने जैसे-तैसे नदी पार करा दिया। तभी जनाजे में शामिल लोगों ने थर्माकोल की नाव बनाकर नदी को पार करने लगे।
अचानक थर्माकोल की नाव बीच नदी में अनियंत्रित हो गई। उस पर सवार लोगों ने साहस दिखाते हुए रस्सी के सहारे नाव को किनारे लाने की कोशिश की। हालांकि, किनारे आते-आते नाव पलट गई और उसमें सवार 15 से ज्यादा लोग नदी में गिरकर डूबने लगे। इनमें से जो तैरना जानते थे वे किनारे आ गए। वहीं, कुछ लोग दूसरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जताया।
दरअसल, रंगरैया लालटोली की आबादी तीन हजार से अधिक है और उनके आवागमन का मुख्य मार्ग नदी ही है। अमौर प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए लोगों को नदी पार कर जाना पड़ता है। इस नदी पर एक भी ना तो सरकारी और ना ही निजी नाव का परिचालन होता है। मजबूरन लोग आवागमन के लिए थर्मोकोल की नाव का सहारा लेते हैं।