मिजोरम निकाय ने भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के फैसले पर जताया विरोध, शाह को सौंपा ज्ञापन

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<पी स्टाइल ="पाठ-संरेखण: औचित्य;">Central Youth Mizo Association On FMR: मिजोरम के सबसे बड़े नागरिक समाज संगठन युवा मिजो संघ (सेंट्रल वाईएमए) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और मुक्त आवागमन व्यवस्था (FMR) हटाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया.

दरअसल, शनिवार (15, मार्च,2025 ) को अमित शाह के मिजोरम दौरे के दौरान, वाईएमए के नेताओं ने उनसे मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सीमा पर बाड़ लगाने और FMR को समाप्त करने से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर जिक्र किया गया है.

जातीय और सांस्कृतिक संबंधों पर असर
ज्ञापन में कहा गया कि FMR को समाप्त करने और बाड़ लगाने का प्रस्ताव भारत और म्यांमार में रहने वाले मिजो समुदायों के बीच गहरे जातीय और सांस्कृतिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा. वाईएमए का मानना है कि यह निर्णय मिजो समुदाय के बीच सांस्कृतिक और जातीय एकता को नुकसान पहुंचाएगा. सीमा पार व्यापार और स्थानीय आजीविका पर प्रभाव डालेगा. वाईएमए ने केंद्र से अनुरोध किया कि FMR को जारी रखा जाए और सीमा पर बाड़ लगाने की योजना को रद्द किया जाए.

म्यांमार शरणार्थियों को लेकर भी चिंता
मिजोरम में म्यांमार के चिन राज्य से आए करीब 40,000 शरणार्थियों को आश्रय दिया गया है, जो मिजो समुदाय के साथ जातीय संबंध साझा करते हैं. इसके अलावा, राज्य में बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स के 2,000 शरणार्थी, मणिपुर के 12,000 आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (IDPs) भी मौजूद हैं. वाईएमए ने केंद्र सरकार से शरणार्थियों और IDPs के लिए मानवीय सहायता बढ़ाने और राहत प्रयासों को वित्तीय समर्थन देने की मांग की.

वाईएमए की अन्य मांगें
संगठन ने अमित शाह के सामने मिजोरम के विकास और सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य मांगें भी रखीं, जिनमें शामिल हैं:
लेंगपुई हवाई अड्डे का उन्नयन अमित शाह ने आश्वासन दिया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा अगले छह महीनों में यह कार्य पूरा किया जाएगा.
नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई के लिए अधिक धन आवंटन.
संविधान की आठवीं अनुसूची में मिजो भाषा को शामिल करने की मांग.
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अंतर्गत एक मिजो बटालियन बनाने का सुझाव.

गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया
अमित शाह ने वाईएमए को आश्वासन दिया कि शरणार्थियों और विस्थापित लोगों के लिए केंद्र सरकार मिजोरम को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. जहां तक FMR को हटाने और सीमा पर बाड़ लगाने के मुद्दे की बात है, शाह ने कहा कि इस पर सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श किया जाएगा. उन्होंने वाईएमए को सुझाव दिया कि वे अपने प्रतिनिधि दिल्ली भेजें, ताकि इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सके.



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