बिहार सरकार पर कांग्रेस ने हमला किया: कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन और कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को पूरी तरह विफल बताया है. उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है. आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर दिन औसतन 8 हत्याएं, 33 अपहरण और 134 से अधिक जघन्य अपराध हो रहे हैं.
रंजीत रंजन ने 26 मई को मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड में एक 9 वर्षीय दलित बच्ची के साथ हुई अमानवीय घटना का जिक्र किया. बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसका गला रेत दिया गया और फिर उसे ईंट भट्ठे के गड्ढे में फेंक दिया गया. उसके शरीर पर 20 से अधिक चाकू के निशान पाए गए.
लगाया लापरवाही का आरोप
उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कराने गए लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आरोपी पहले से हिंसक प्रवृत्ति का था, फिर भी वह खुलेआम घूम रहा था. यह राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
रंजीत रंजन ने कहा कि पीड़िता की हालत गंभीर थी, इसलिए कांग्रेस ने उसे दिल्ली एम्स एयरलिफ्ट करने की मांग की, लेकिन राज्य सरकार ने यह बात अनसुनी कर दी. जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो उसे पटना एम्स लाया गया, लेकिन वहां विशेषज्ञ डॉक्टर न होने का हवाला देकर इनकार कर दिया गया.
बाद में उसे पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां वह पांच घंटे तक एंबुलेंस में पड़ी रही. कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप के बाद उसे भर्ती किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई.
राज्यभर में बढ़ते दुष्कर्म मामलों का आरोप
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुजफ्फरपुर, छपरा, सीतामढ़ी, बेतिया, मुंगेर और अररिया जैसे जिलों में लगातार दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने नीतीश कुमार और भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार” में जघन्य अपराधों की बाढ़ आ गई है, लेकिन सरकार मौन है.
भाजपा नेताओं पर दुष्कर्म के आरोप और सरकार की चुप्पी
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भाजपा नेताओं पर लगे दुष्कर्म आरोपों की ओर इशारा करते हुए कहा कि बृजभूषण शरण सिंह नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल थे, जबकि उसी समय देश की महिला पहलवानों को पुलिस ने सड़कों पर पीटा.
उन्होंने यह भी कहा कि बिलकिस बानो के बलात्कारियों को भाजपा नेताओं ने फूल मालाएं पहनाईं, और मणिपुर में हुए दुष्कर्म मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई. शमा मोहम्मद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार प्रभावशाली आरोपियों को बचा रही है. कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि बच्ची को न्याय दिलाने और बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए दोषियों को सख्त सजा दी जाए और नीतीश सरकार की जवाबदेही तय की जाए.