आंखों में आंसू-दिल में याद! मां की अर्थी घर पर थी और बेटी एग्जाम हॉल में लिख रही थी अपना भविष्य

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तमिलनाडु समाचार: तमिलनाडु के चेंगलपट्टू ज़िले में मधुरंतकम के पास वसंतवाड़ी इलाके के सिरुनल्लूर मुदुगराई के रहने वाले किसान मुरुगादॉस के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उनकी पत्नी कर्पगम पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और उनका इलाज पुडुचेरी स्थित JIPMER हॉस्पिटल में चल रहा था. आज सुबह करीब 5 बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. इस खबर से पूरा परिवार शोक में डूब गया.

मुरुगादॉस की बेटी मनुश्री मधुरंतकम गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा है. आज पूरे तमिलनाडु में 12वीं के सार्वजनिक परीक्षाएं शुरू होनी थीं और मनुश्री का भी अहम पेपर था. मां की मौत का सदमा बहुत बड़ा था, लेकिन मनुश्री अपनी मां का सपना पूरा करना चाहती थी, जो चाहती थीं कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर एक बड़ा मुकाम हासिल करे.

मनुश्री आंसू पोंछते हुए एग्जाम हॉल में आईं

अपने पिता के हौसले और मां के सपने को याद करते हुए मनुश्री ने आंसुओं को रोककर परीक्षा देने का फैसला किया. भारी मन और नम आंखों के साथ वह परीक्षा केंद्र पहुंची और परीक्षा में बैठी. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद शिक्षक और छात्र भी भावुक हो गए. शिक्षकों ने कहा कि मां को खोने का दर्द दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है और ऐसे समय में भी परीक्षा देने का मनुश्री का साहस काबिले-तारीफ है. उन्होंने उसके जज़्बे को सलाम करते हुए उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा बताया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने की बच्ची की तारीफ

अपनी मां की मौत के कुछ ही घंटों में एग्जाम सेंटर पर आकर एग्जाम देने वाली स्टूडेंट मनुश्री का यह काम, पढ़ाई के प्रति उसकी चिंता और अपनी मां के सपने को आगे बढ़ाने की उसकी लगन को दिखाता है. आस-पास के लोग और सोशल मीडिया पर कई लोग इस स्टूडेंट के लिए अपनी संवेदनाएं और तारीफ़ ज़ाहिर कर रहे हैं जो अपना दुख छिपाने और कामयाबी पाने की कोशिश कर रही है. इस मुश्किल हालात में भी मनुश्री ने जो पक्का इरादा दिखाया है. वह दूसरे स्टूडेंट्स के लिए एक सबक है.



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