हस्तरेखा शास्त्र में शुभ चिन्ह एवं प्रतीक: हस्त रेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और उसमें बनने वाले निशान या चिन्हों के जरिए भूत, भविष्य व वर्तमान का पता किया जाता है। हथेली में कई छोटी-बड़ी रेखाएं कुछ विशेष निशान बनाते हैं। हथेली में त्रिभुज, मछली, झंडा, स्वास्तिक व चतुर्भुज आदि बनते हैं। हस्त रेखा शास्त्र में इन निशानों को शुभ माना गया है। मान्यता है कि ये निशान भाग्यशाली लोगों के हाथ में ही होते हैं। जानें इन निशानों के बारे में-
चतुर्भुज- हथेली पर चतुर्भुज का निशान शुभ माना गया है। हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, हाथ के प्रमुख सात पर्वतों पर होना अत्यंत लाभकारी माना गया है। कहा जाता है कि ऐसे लोगों को पैतृक संपत्ति का लाभ मिलता है।
पार करना- हथेली पर क्रॉस का निशान शुभ-अशुभ दोनों तरह से देखा जाता है। शनि पर्वत पर क्रॉस का निशान शुभ माना जाता है। जबकि यह जीवन, भाग्य व मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस का निशान अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इन लोगों के पास पूर्वाभास की शक्ति हो सकती है।
मछली का निशान- हथेली पर मछली का निशान शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसे लोगों के पास धन का अभाव नहीं होता है।
झंडे का निशान- हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर झंडे का निशान बहुत ही शुभ माना गया है। कहा जाता है कि ऐसे लोग अच्छे लेखक होते हैं।
मंदिर का निशान- हथेली में चतुर्भुज के ठीक ऊपर त्रिभुज बना हो तो उसे मंदिर का निशान कहा जाता है। हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, तर्जनी अंगुली के नीचे गुरु पर्वत पर टेंपल साइन हो तो ऐसे लोग अद्भुत क्षमताओं वाले होते हैं।