Martyrs Village: मुकरेरा के 26 लोगों ने लिया था प्रथम विश्वयुद्ध में हिस्सा, शहीदों के गांव के नाम से है फेमस, पूर्वजों पर आज भी है गर्व

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एजेंसी:News18 Bihar

आखरी अपडेट:

Martyrs Village: छपरा का एक ऐसा गांव जिस गांव के लोगों की प्रथम विश्व युद्ध में अहम भूमिका रही है. इस गांव से लगभग दो दर्जन से अधिक क्रांतिकारियों ने प्रथम विश्वयुद्ध में अहम भूमिका निभाया था. यही नहीं कई लोग श…और पढ़ें

एक्स

यह गांव नहीं क्रांतिकारियों की है फैक्ट्री

हाइलाइट्स

  • छपरा के मुकरेरा गांव के 26 लोगों ने लिया था प्रथम विश्वयुद्ध में भाग
  • गांव के लाल साहेब सिंह और राम बहाल सिंह प्रथम विश्व युद्ध में शहीद
  • गांव में नवीकरण कर सुसज्जित किया गया है शहीदों का स्मारक

छपरा. छपरा का एक ऐसा गांव जिस गांव के लोगों की प्रथम विश्व युद्ध में अहम भूमिका रही है. इस गांव से लगभग दो दर्जन से अधिक क्रांतिकारियों ने प्रथम विश्वयुद्ध में अहम भूमिका निभाया था. यही नहीं कई लोग शहीद भी हुए हैं. आज भी इस गांव के लोग अपने पूर्वजों पर गर्व महसूस करते हैं. बताते चलें कि सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड अंतर्गत मुकरेरा गांव से 26 लोगों ने प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया था. इस  विश्व युद्ध में लाल साहेब सिंह और राम बहाल सिंह शहीद हो गए, बांकी 24 लोग सुरक्षित अपने गांव लौटे थे.

पलक झपकते ही दुश्मनों को मार गिराने में थे माहिर
कहा जाता है कि ये क्रांतिकारी इतने बलवान और लड़ाकू थे कि  इनकी टुकड़ी पर दुश्मनों की नजर पड़ते ही दुश्मन अपना रुख मोड़ लेते थे. ये लोग दुश्मनों पर सीधा भारी पड़ जाते थे और धूल चटाने में तनिक भी देर नहीं होती थी. पलक झपकते ही दुश्मनों को मार गिराने में काफी माहिर थे. यही वजह है कि इस गांव के लोग अपने पूर्वजों की वीरता पर गर्व महसूस करते हैं. आज भी गांव में ही नाथ बाबा मंदिर के समीप इन शहीदों का स्मारक मिल जाएगा.

शहीद स्मारक का टाइल्स मार्बल से हुआ नवीकरण
सबसे पहले अंग्रेजों के द्वारा ही इस गांव में शहीद स्मारक का निर्माण कराया गया था. यह काफी जर्जर हो चुका है. इस स्मारक को स्थानीय मुखिया मनोज कुमार और उप मुखिया रोहित कुमार सिंह के द्वारा पहल करते हुए नवीकरण करने का काम किया गया है. अब इस स्थान को टाइल्स मार्बल एवं फूल पत्तियों से काफी सुसज्जित कर दिया गया है. इस ऐतिहासिक स्थल को देखने और जानने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं.

26 लोगों के साथ प्रथम विश्व युद्ध में लिया था हिस्सा
लोकल 18 से देवचंद सिंह ने बताया कि मेरे बाबा लाल साहेब सिंह प्रथम विश्व युद्ध में  26 लोगों के साथ भाग लिए थे जो लड़ाई के दौरान शहीद हो गए. उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया था जो मेडल आज भी मौजूद है. अपने पूर्वजों पर हम लोगों को काफी गर्व महसूस होता है जिन्होंने अपने देश के लिए आहुति देने का काम किया है.

वीर सपूतों पर हैं काफी गर्व
स्थानीय मुखिया मनोज कुमार ने बताया कि हमारे पंचायत के अंतर्गत मुकरेड़ा गांव आता है जिस गांव से 26 लोग प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिए थे. इसमें कुछ लोग शहीद भी हुए हैं. उन्होंने कहा कि उन वीर सपूतों पर मुझे काफी गर्व है. बताया कि जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि स्मारक क्षतिग्रस्त हो गया है तो उसे प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले स्मारक का नवीकरण करने का काम किया है. बताया कि जो भी योजना आता है उसके तहत सबसे ज्यादा मेरे पंचायत में काम हो रहा है.

विश्वयुद्ध से सुरक्षित लौटे 24 लोग
डॉ अशोक कुमार ने बताया कि 1914 से 1919 के बीच में जो प्रथम विश्व युद्ध हुई थी उसमें हमारे गांव से 26 लोग भाग लिए थे. जिस युद्ध से 24 लोग सुरक्षित लौट कर चले आए, जबकि दो लोग शहीद हो गए.  इसमें हमारे घर से राम बहाल सिंह भी शामिल थे जो हमारे दादाजी थे. उन्हें सरकार के द्वारा सम्मानित भी किया गया था जो मेडल आज भी मौजूद है.

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