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Bihar Chunav 2025: प्रशांत किशोर के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोला है. ‘आप’ ने चुनाव आयोग से 6 साल के लिए उन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. ‘आप’ का आरोप है कि सम्राट चौधरी ने अपने हलफ़नामों में अपनी पहचान और शैक्षणिक योग्यता (2010 में 7वीं पास, 2020 में PhD) को बदलकर दिखाया है. कार्रवाई न होने पर FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है.
पटना: बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी के खिलाफ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मोर्चा खोलने के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी भाजपा नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
हलफ़नामों में नाम और योग्यता बदलने का आरोप
संजय केसरी ने आरोप लगाया है कि सम्राट चौधरी ने चुनाव आयोग को दिए गए अपने हलफ़नामों में अपनी पहचान (नाम) और शैक्षणिक योग्यता को अलग-अलग तरीके से बताया है.
‘आप’ ने दावा किया है कि सम्राट चौधरी ने पहले अपना नाम ‘सम्राट चंद्र मौर्य’ बताया, इसके बाद ‘राकेश कुमार’, फिर ‘सम्राट चौधरी’ और अब वह ‘उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी’ हो गए हैं.
इसके अलावा, उनकी शैक्षणिक योग्यता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। केसरी ने कहा कि 2010 के हलफ़नामे में सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता सातवीं पास बताई गई थी, जबकि 2020 के हलफ़नामे में उनकी योग्यता पीएचडी (Ph.D.) दर्शाई गई है. ‘आप’ प्रवक्ता ने सवाल उठाया है कि अगर उन्होंने 1996 में पीएचडी उत्तीर्ण की थी, तो 2010 के हलफ़नामे में उन्होंने स्वयं को सातवीं पास क्यों बताया था.
संजय केसरी ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग 10 दिनों के अंदर सम्राट चौधरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो आम आदमी पार्टी उनके खिलाफ कोर्ट/थाने में FIR दर्ज कराएगी.
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.