हताश होकर दिल्ली से लौटे, तभी आ गया UPSC का रिजल्ट, अब IPS बनेंगे सिद्धार्थ कृष्णा, बोले – ‘मेरी मां ने…’

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Success Story : ये कहानी है मुजफ्फरपुर के सिकंदपुर इलाके के सिद्धार्थ कृष्णा की. UPSC का रिजल्ट ना आने से हताश सिद्धार्थ आज ही मुजफ्फरपुर पहुंचे थे ताकि दुर्गापुर जाकर नौकरी ज्वाइन कर सकें. घर पहुंचते ही उनका य…और पढ़ें

मुजफ्फरपुर के सिकंदपुर इलाके के सिद्धार्थ कृष्णा ने चौथे अटेम्प्ट में यूपीएससी में लहराया परचम…

प्रियांक सौरभ. मुजफ्फरपुर. यूपीएससी मे बिहार के भी कई युवाओं ने परचम लहराया है. ऐसा ही एक युवा है मुजफ्फरपुर के सिकंदपुर इलाके के सिद्धार्थ कृष्णा. सिद्धार्थ ने चौथे अटेम्प्ट में 680वीं रैंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है. सिद्धार्थ ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजिनियरिंग की थी. इसके बाद से यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे लेकिन अंतिम रूप से चयन न होने से हताश होने लगे. सिद्धार्थ का चयन CSIR दुर्गापुर में चयन हुआ. UPSC का रिजल्ट ना आने से हताश सिद्धार्थ आज ही मुजफ्फरपुर पहुंचे थे ताकि दुर्गापुर जाकर नौकरी ज्वाइन कर सकें लेकिन घर पहुंचते ही उनका यूपीएससी का रिजल्ट आ गया. रैंक के अनुसार सिद्धार्थ का चयन IRS या IPS के लिए हो सकता है.

सिद्धार्थ कृष्णा के पिता महेश प्रसाद यादव डीएसपी हैं और बेगूसराय में पोस्टेड हैं. वहीं सिद्धार्थ के नाना पंचम राय SI से रिटायर्ड हुए हैं. सिद्धार्थ के रिजल्ट से परिवार में ख़ुशी का माहौल है.

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सिद्धार्थ कृष्णा ने बताया, ‘जब मैंने तैयारी शुरू की थी तो मुझे लग रहा था कि यह मुझसे नहीं होगा. मैंने तीन हफ्तों में ही पिता को फोन लगाकर कहा था कि मुझसे इस कठिन परीक्षा की तैयारी नहीं हो पाएगी. यह मेरा चौथा प्रयास था. परिवार का बहुत सपोर्ट मिला. मैं दिल्ली से आज ही मुजफ्फरपुर लौटा हूं. दुर्गापुर में सीएसआईआर में ज्वाइन करने जा रहा था. आज ही रिजल्ट आ गया. मुझे आईपीएस की भी उम्मीद है.’

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सिद्धार्थ ने बताया, ‘मेरे पिता पुलिस में हैं. बेगूसराय में डीएसपी पद पर पोस्टेड हैं. मेरी मां ने बहुत साथ दिया. उन्होंने अपनी टीचर पद की नौकरी भी मेरे लिए छोड़ दी थी.’

सिद्धार्थ की नानी खुशी से रोने लगी. सिद्धार्थ बताते हैं कि इस रिजल्ट में उनकी मां मृदुला यादव ने बहुत मेहनत की. उन्होंने मेरी पढ़ाई के लिए टीचर की नौकरी तक छोड़ दी.

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