बिहार के किसान का सीक्रेट! बरसात में खीरा उगाकर छाप रहे हैं नोट, अपनाएं ये तरीका

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Cucumber Farming Tips: जहानाबाद के किसान नरेंद्र कुमार बरसात में शेड नेट और ड्रिप मलचिंग विधि से खीरा उगा रहे हैं. उन्होंने एक एकड़ में 10 हजार पौधे लगाए हैं. खेती में रिस्क है, लेकिन सफलता भी मिल रही है.

जहानाबाद: भारत की आजीविका का मुख्य आधार खेती बाड़ी ही रहा है. बहुतायत लोग खेती करना पसंद करते हैं. यही कारण है कि यहां की सरकार भी खेती में नित्य नए तकनीक आते रहे, इस पर काम करती रहती है. कई सारी योजनाएं भी संचालित हो रही है, जिससे किसानों को काफी फायदा भी मिलता है. बदलती खेती बाड़ी को देखते हुए किसान भी अलग अलग तौर तरीकों की खेती करने लगे हैं. बिहार के किसान भी इससे अछूते नहीं हैं. यहां भी कई किसान अच्छे अच्छे प्रयोग कर रहे हैं. इससे उनको सफलता भी मिली है.

बात जहानाबाद की हो तो यहां भी किसानों ने बदलते समय के साथ अपनी खेती बाड़ी का परिदृश्य भी बदला है. नई नई खेती करना शुरू किए हैं. इसी कड़ी में बात करेंगे मखदुमपुर प्रखंड के बन्देया गांव के किसान नरेंद्र कुमार की. वह बरसात के समय में भी खीरा उगा रहे हैं और बाजार में सप्लाई कर रहे हैं. इसकी रोपाई 3 महीने पहले की थी. अगस्त तक इसकी खेती चलेगी. यह खेती नरेंद्र कुमार ने शेड नेट में ड्रिप मलचिंग विधि से किया है, जिससे उनका फसल भी ठीक ठाक है.

एक एकड़ में 10 हजार खीरे का पौधा

Local 18 से किसान नरेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि हम शुरुआत से ही खेती में नए नए प्रयोग करते आए हैं. हालांकि, पारंपरिक को भी साथ लेकर चला है. नई खेती में जैसे शिमला मिर्च उगाना, स्ट्रॉबेरी और अब शेड नेट में मलचिंग से खीरे और ककड़ी की खेती कर रहे हैं. खेती बाड़ी में रिस्क तो है, लेकिन जब तक आप प्रयोग नहीं करेंगे तब तक सफल कैसे होगा? यही सब वजह है कि हम कुछ न कुछ नया प्रयोग करते रहते हैं. अभी एक एकड़ खेत में खीरे की खेती कर रखे हैं, जिसमें 10 हजार पौधे लगे हुए हैं. 12 लाइन का तीन कंपाउंड बना हुआ है, जिसके मुताबिक कुल 36 लाइन है.

हाई रिस्क पर होती है अभी खीरे की खेती
उन्होंने आगे कहा कि खीरे की खेती बरसात के समय वाली हाई रिस्क वाली है. यदि सब कुछ साथ दे दिया तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा. कमाई बहुत अच्छी हो जाएगी. क्योंकि बाजार में इस वक्त खीरा होता नहीं है तो मार्केट रेट अच्छा मिल जाता है. वहीं, अगर प्राकृतिक का साथ नहीं मिला तो यह खेती पूरी तरह नुकसानदायक हो सकता है. अभी हमारे खेत में रोजाना 1 क्विंटल तक खीरा टूट जाता है. इसके लिए हमारे यहां 2 से 3 जन को भी लगाना पड़ता है. एक बात ध्यान योग्य है कि खेती के लिए सबसे जरूरी बात, बीज का चयन है. यह खेती की दुनिया को नया आयाम देता है. अगर बीज चयन ही खराब हो जाएगा तो सब बर्बाद हो सकता है.

रंजन क्या है

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें

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