DGP ने मामले पर CID से जांच कराने का लिया निर्णय।
किशनगंज में जिला परिषद प्रतिनिधि आसिफ रेजा की कथित पिटाई का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। बिहार के DGP विनय कुमार ने मामले की जांच CID को सौंप दी है। यह निर्णय पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम के आवेदन पर लिया गया है।
।
मामला 28-29 जून का है। बहादुरगंज थाने में एक बाइक जब्ती मामले में सादिक नाम के युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिला परिषद प्रतिनिधि आसिफ रेजा थाने पहुंचे। पुलिस से बहस के बाद सादिक को छोड़ दिया गया।
पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम।
पुलिस पर लगा झूठा FIR दर्ज करने का आरोप
इसके बाद 29 जून की रात करीब 1 बजे पुलिस बल आसिफ रेजा के घर पहुंचा। उसे थाने ले जाया गया। आरोप है कि पुलिस ने झूठी FIR दर्ज कर आसिफ रेजा की पिटाई की और उसे जेल भेज दिया गया। तब से लगातार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों के द्वारा आसिफ रेजा की रिहाई की मांग कर रहे है।
DGP ने दिया CID जांच का आदेश
जिसके बाद गुरुवार को कोचाधामन के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने DGP से मिलकर मामले की शिकायत की। उन्होंने बहादुरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष और अपर थाना अध्यक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। DGP ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CID जांच का आदेश दिया है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।