आखरी अपडेट:
Who Is Chandan Mishra: जानकारी के अनुसार चंदन मिश्रा, बक्सर जिले का निवासी था. बताया जा रहा है कि पिछले एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. साल 2011 में इंडस्ट्रियल थाना क्षेत्र में दो चर्चित हत्याकांडों म…और पढ़ें
चंदन अपराधी था और इलाज के लिए पैरोल पर लाया गया था.
हाइलाइट्स
- चंदन मिश्रा की पटना के पारस हॉस्पिटल में हत्या हुई.
- चंदन मिश्रा बक्सर का निवासी और कुख्यात अपराधी था.
- पुलिस ने शूटरों की पहचान कर जांच शुरू की.
कौन था चंदन मिश्रा?
जानकारी के अनुसार चंदन मिश्रा, बक्सर जिले का निवासी था. बताया जा रहा है कि पिछले एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. साल 2011 में इंडस्ट्रियल थाना क्षेत्र में दो चर्चित हत्याकांडों में उसका नाम सामने आया था. जानकारी के अनुसार पहली हत्या 20 अप्रैल को भरत राय की हुई थी और दूसरी 26 जुलाई को शिवजी खरवार की. इसके अलावा, वह बक्सर मॉडल थाना क्षेत्र में जेल क्लर्क हैदर अली की हत्या के मामले में भी नामजद था.
इलाज के लिए पैरोल पर आया था
बक्सर जेल में सजा काट रहा चंदन मिश्रा कुछ समय पहले भागलपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था. यहीं से वह इलाज के लिए 21 दिन की पैरोल पर पटना लाया गया था. लेकिन, उसे शायद अंदाजा नहीं था कि यह पैरोल उसकी जिंदगी का आखिरी मौका बन जाएगा. पटना के अस्पताल में जैसे ही वह इलाज के लिए पहुंचा, पहले से घात लगाए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोलीबारी की यह घटना अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है. एसएसी कार्तिकेय शर्मा ने ने बताया कि गोली चलाने वाले शूटरों की तस्वीरें पुलिस को मिल गई हैं और उनकी पहचान की जा रही है.
बक्सर की ओर भागे शूटर
एसएसपी के अनुसार, घटना के बाद शूटर बक्सर की दिशा में फरार हो गए. इस संभावना को भी खंगाला जा रहा है कि चंदन मिश्रा की हत्या एक सुनियोजित साजिश थी और इसमें जेल व अस्पताल की किसी भीतरू मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता. पुलिस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रही है.
अपराध के पीछे की रंजिश या गैंगवार?
चंदन मिश्रा की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, गैंगवार या किसी रंगदारी विवाद की आशंका जताई जा रही है. पुलिस के अनुसार, चंदन मिश्रा का संपर्क कई शातिर अपराधियों और गिरोहों से था. संभव है कि जेल में रहते हुए भी उसका प्रभाव बना हुआ था, जिससे कुछ गुटों को खतरा महसूस हो रहा था.
सिस्टम पर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. एक सजायाफ्ता अपराधी, जो कोर्ट से सजा पा चुका है, उसे इलाज के नाम पर बिना पर्याप्त सुरक्षा के अस्पताल भेजना, फिर वहां हमलावरों का पहुंच जाना और हत्या कर फरार हो जाना- यह सब दर्शाता है कि अपराधी अब जेल से भी सुरक्षित नहीं हैं, या फिर जेल ही उनके लिए साजिश रचने की जगह बन चुकी है.
एक पत्रकार को मुख्यधारा के मीडिया उद्योग में 14 साल का अनुभव है। वर्तमान में एक मुख्य उप संपादक के रूप में News18 हिंदी के लिए Network18 समूह के साथ काम कर रहा है। उन्होंने समाचार 18 बिहार/झा लॉन्च करने में एक नेतृत्व की भूमिका निभाई …और पढ़ें
एक पत्रकार को मुख्यधारा के मीडिया उद्योग में 14 साल का अनुभव है। वर्तमान में एक मुख्य उप संपादक के रूप में News18 हिंदी के लिए Network18 समूह के साथ काम कर रहा है। उन्होंने समाचार 18 बिहार/झा लॉन्च करने में एक नेतृत्व की भूमिका निभाई … और पढ़ें