नशे से जिंदगी बर्बाद…लोगों ने प्यार-मोहब्बत से जोड़कर बनाया मजाक: 7 साल से सड़कों पर घूम-घूमकर दवा लिख रहा विक्षिप्त, पत्नियों ने भी छोड़ा साथ – Darbhanga News

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‘बीबी प्रेमी के साथ हो गई फरार, डॉक्टर साहब हो गए पागल’, ‘बीबी ने दिया धोखा मजनू बने डॉक्टर, प्यार में पागल हो गए डॉक्टर साहब’, ‘डॉक्टर पागल हो गए, दिल टूटने के बाद क्या हो जाता’।

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ये लाइन दरभंगा के विक्षिप्त युवक रोहित के बारे में लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखी है। रोहित की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। दो पत्नियों ने इसी कारण उसे छोड़ दिया। एक ने तो छोटे भाई से ही शादी कर ली। सोशल मीडिया पर जैसा लिखा है वैसा नहीं है, जानें क्या है पूरी कहानी…

रोहित पिछले 7 साल से एक ही कपड़े में घूम रहा है। रोहित की ऐसी स्थिति दिल्ली की दवा दुकान में काम करने के दौरान हुई। जहां वो कई प्रकार का नशा करने लगा और उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई, पर दवाओं के नाम उसे अभी भी याद है।

इसी कारण राह चलते लोगों को वो कागज पर दवा लिखकर देता फिरता था, जैसे कि वो एक डॉक्टर हो। हालांकि सभी को पता है कि उसकी दिमागी स्थिति खराब है, लोगों के लिए उसकी उल्टी-सीधी हरकतें मनोरंजन है। लोग मजे लेने के लिए 8वीं पास विक्षिप्त युवक को डॉक्टर साहब बोलते हैं।

मां-पिता ने बेटे के इलाज की कोशिश की पर पैसों के अभाव में रोहित ठीक नहीं हुआ। अब रोहित का इलाज होगा। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर गोरखपुर की स्माइल रोटी बैंक ने इलाज के लिए रविवार को रेस्क्यू किया है।

ये वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया हुआ है, जिसमें रोहित एक कागज पर दवा लिख रहा।

2013 तक रोहित ठीक था

सिमरी थाना क्षेत्र के कनसी सिमरी पंचायत मिश्रौली गांव स्थित वार्ड-12 की सरकारी जमीन पर गुजर बसर करने वाला रोहित का परिवार भूमिहीन महादलित है। एक झोपड़ी में मां-पिता रहते हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

पिता राम श्रेष्ठ राम ने कहा कि 2005 में रोहित की पहली शादी पंचोभ पंचायत के हरिचन्ना गांव निवासी छठ्ठू राम की बेटी पुनीता देवी से हुई थी। दोनों को एक बेटी हुई, जो अब 19 साल की है। वो दादा-दादी के साथ रहती है। 2013 में रोहित दिल्ली चला गया था। वहां दवा दुकान में काम करता था। 2013 तक वो ठीक था।

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दिल्ली में नशे की लत लगी

पिता ने कहा कि दिल्ली में दवा दुकान में काम करने के दौरान उसे नशे की लत लगी। उसका मानसिक संतुलन खराब हो गया। 2014 में वो गांव वापस आया। हमलोगों ने उसे इलाज के लिए रांची के मेंटल अस्पताल में भर्ती कराया। एक महीने इलाज के बाद स्थिति में सुधार हुई तो उसे घर ले आए। कुछ दिन बाद दोबारा पागलों जैसा करने लगा। जिसके बाद फिर से उसे मेंटल अस्पताल में ले गए।

इस दौरान पहली पत्नी ने रोहित राम के छोटे भाई ललित राम से शादी कर ली। 5 महीने इलाज के बाद अस्पताल से रोहित को घर भेज दिया गया। 2016 में रोहित ने दूसरी शादी प्रियंका देवी से की। एक बेटा हुआ, पर रोहित की स्थिति पहले जैसे हो गई। इस कारण दूसरी पत्नी भी अपने बेटे को लेकर देहरादून चली गई।

इसी झोपड़े में रहता रोहित का परिवार।

इसी झोपड़े में रहता रोहित का परिवार।

माता-पिता ने अपने स्तर से इलाज कराया

सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर कुमार झा ने कहा कि विक्षिप्त अवस्था में सड़क पर भटकता रहता था। माता-पिता ने अपने स्तर से इलाज कराया। बीच में वो ठीक हो गया था, जिसके बाद दूसरी शादी कराई गई, लेकिन फिर से उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। उसके माता-पिता कहां से इलाज करवाते। अस्पताल से लौटा दिया गया, कहा गया कि वो ठीक नहीं होने वाला।

यूपी में पागल मठ संस्थान है। वहां निःशुल्क इलाज होता है। उनसे आग्रह किया गया था। वे लोग रविवार को रोहित को ले गए हैं। इसकी सूचना देने के लिए माता-पिता के पास आए हैं।

स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर रेस्क्यू

संस्थान के सदस्य आजाद पांडे ने कहा कि स्माइल होम रोहित को ले जाएंगे। वहां इनका इलाज होगा। इन्हें सुनने वाले की जरूरत है। इनकी काउंसिलिंग होगी। फिर से इन्हें समाज में डॉक्टर के रूप में स्थापित किया जाएगा। रेस्क्यू टीम के सदस्य शिव शंकर यादव ने कहा कि हमलोग गोरखपुर से आएं हैं। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर रेस्क्यू किया है। आजाद पांडे को धन्यवाद देना चाहते हैं। ऐसे 6000 हजार लोगों को रेस्क्यू किया है। उनको घर तक पहुंचा चुके हैं। इसके लिए कोई पैसे नहीं लिए गए।



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