केवल पढ़ाई नहीं, स्कूलों में होगा अब ये काम, समस्तीपुर के 20 विद्यालयों में खुलेगी पोषण वाटिका, होगी जैविक खेती

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पढ़ाई के साथ-साथ पोषण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्कूलों में अब पोषण वाटिका खोले जाएंगे. इसके लिए समस्तीपुर के 20 विद्यालयों का चयन किया गया है. इसमें जैविक खेती के माध्यम से सब्जियां उगाई जाएंगी ताकि पौष्टिक आ…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • समस्तीपुर के 20 स्कूलों में खुलेगी पोषण वाटिका
  • स्कूलों में जैविक खेती से ताजी सब्जियां उगाई जाएंगी
  • इस पहल से बच्चों को पौष्टिक आहार और खेती का ज्ञान मिलेगा

समस्तीपुर. समस्तीपुर जिले के स्कूली बच्चों के लिए एक सकारात्मक पहल की शुरुआत की गई है. अब बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण और प्रकृति से जुड़ने का भी अवसर मिलेगा. जिले के प्रत्येक प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में आदर्श पोषण वाटिका स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. जिले भर में कुल 20 स्कूलों का चयन किया गया है, जहां स्कूल परिसर में हरे-भरे फल, फूल और सब्जियां उगाई जाएंगी. पोषण वाटिका में जैविक खाद से तैयार की गई ताजी हरी सब्जियां उगाई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत पौष्टिक भोजन मिल सकेगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाना है. इसके अतिरिक्त यह पहल छात्रों में प्रकृति और खेती के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी.

आदर्श पोषण वाटिका निर्माण की घोषणा
प्रत्येक चयनित विद्यालय को आदर्श पोषण वाटिका स्कूल का दर्जा दिया जाएगा. इन स्कूलों में 5×3 फीट का टैंक भी बनाया जाएगा, जिसमें जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा. इस खाद का उपयोग स्कूल परिसर में लगाई गई सब्जियों की खेती के लिए किया जाएगा. इस पूरी योजना को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत कार्यान्वित किया जाएगा. डीपीओ एमडीएम रोहित रोशन ने जानकारी दी कि सभी 20 स्कूलों का चयन कर लिया गया है और जमीन की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी गई है. यह योजना शिक्षा विभाग, बिहार और मध्याह्न भोजन योजना समिति के निर्देश पर लागू की जा रही है. इस पहल से स्कूल परिसर न केवल हरा-भरा दिखेगा, बल्कि यह एक मॉडल पोषण वाटिका स्कूल के रूप में अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा. आने वाले समय में अन्य विद्यालय भी इसी मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे.

प्रखंड के मुताबिक इन विद्यालयों का किया गया है चयन
जिन स्कूलों को इस योजना के तहत चुना गया है, उनमें शामिल हैं उजियारपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय देसुआ, शिवाजीनगर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय परशुराम, बिभूतिपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय राघोपुर,बिथान प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलसंडी, विद्यापतिनगर प्रखंड के मध्य विद्यालय कांचा, पूसा प्रखंड के मध्य विद्यालय मोरसंड, सरायरंजन प्रखंड के मध्य विद्यालय बथुआ बुजुर्ग, ताजपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय फतेहपुर,मोहनपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय रसलपुर, समस्तीपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय हरपुर एलौथ, खानपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय भथनाहा, वारिसनगर प्रखंड केबुनियादी विद्यालय हांसा, सिंघिया प्रखंड के मध्य विद्यालय लगमा उत्तर, हसनपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय पातेपुर, दलसिंहसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय नगरगामा, मोहिउद्दीननगर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, मोरवा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरवा डीह, कल्याणपुर प्रखंड के बुनियादी विद्यालय जनारदनपुर रोसड़ा: उच्च माध्यमिक विद्यालय महरौर, पटोरी (इनायतपुर): सोनावती रेशमा मध्य विद्यालय यह योजना जिले में एक सकारात्मक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है. यह बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आत्मनिर्भरता की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी.

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