मुजफ्फरपुर. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान एक बड़ी मांग सामने आई. मुख्यमंत्री ने जहां जिले को करीब 850 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी, वहीं मंच से तिरहुत स्नातक क्षेत्र के एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने मुजफ्फरपुर को बिहार की उपराजधानी घोषित करने और यहां पटना हाईकोर्ट की एक बेंच स्थापित करने की मांग रख दी.
धार्मिक और शैक्षणिक महत्व का दिया हवाला
बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि मुजफ्फरपुर में बाबा गरीबनाथ धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जो पूरे प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. वस्त्र उद्योग के कारण इसे कभी “बिहार का मैनचेस्टर” कहा जाता था. इसके अलावा यहां उत्तर बिहार का सबसे पुराना विश्वविद्यालय भी स्थित है, जिससे यह शिक्षा का बड़ा केंद्र माना जाता है.
उपराजधानी बनाने से क्या होंगे फायदे
एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि अगर मुजफ्फरपुर को उपराजधानी का दर्जा मिलता है तो उत्तर बिहार के लोगों को प्रशासनिक कामकाज में काफी सहूलियत होगी. सरकारी दफ्तरों और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी.
हाईकोर्ट बेंच की मांग भी प्रमुख
बंशीधर ब्रजवासी ने यह भी कहा कि पटना हाईकोर्ट की एक बेंच मुजफ्फरपुर में स्थापित होने से न्यायिक कार्यों के लिए लोगों को पटना जाने की मजबूरी कम होगी. इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और उत्तर बिहार के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
बताया गया कि मंच से मांग रखने के बाद बंशीधर ब्रजवासी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी.
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार. हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से इस मांग पर तत्काल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन कार्यक्रम में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना रहा. अब देखना होगा कि सरकार मुजफ्फरपुर को उपराजधानी बनाने और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की इस मांग पर आगे क्या रुख अपनाती है.