पितृपक्ष 2025ः जानें कब से शुरू होगा पितृपक्ष महासंगम, गया जी में चल रही है तैयारी

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pitru paksha mahasangam: बिहार के गया जी जिले में पितृपक्ष महासंगम 2025 की तैयारी शुरू हो गई है. इस वर्ष पितृपक्ष मेला का समय भी निर्धारित हो गया है. पितृपक्ष मेला में गयाजी जिले में देश-विदेश से हर साल 10 से 1…और पढ़ें

गयाजी: बिहार के गया जी जिले में पितृपक्ष महासंगम 2025 की तैयारी शुरू हो गई है. इस वर्ष पितृपक्ष मेला 6 सितंबर से 21 सितंबर तक निर्धारित है. पितृपक्ष मेला में गयाजी जिले में देश-विदेश से हर साल 10 से 15 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं. पितृपक्ष मेले की तैयारी लगभग 2 महीने पूर्व से गया जी में शुरू हो गई है. शुक्रवार को गया के जिलाधिकारी कई पिंड वेदियों का निरीक्षण किया और देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.

पितृपक्ष मेला के दौरान 54 वेदी स्थलों पर पिंडदान और कर्मकांड किया जाता है जिनमें मुख्य रूप से विष्णुपद मंदिर परिसर में 16 वेदी, फल्गु नदी, सूर्यकुंड, गजाधर घाट, अक्षयवट, रामशिला, प्रेत शिला सहित अन्य वेदी स्थल शामिल हैं. इन स्थलों पर तालाबों की साफ-सफाई, बिजली, पानी, शौचालय और सड़क दुरुस्त करने के लिए डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं. डीएम ने बताया कि पितृपक्ष मेले में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. ऐसे में सभी पिंड स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा.

डीएम के निरीक्षण के क्रम में कई पिंड स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी देखी गई. देवघाट पर टूटे हुए टाइल्स की मरम्मत और घाट पर जितने भी टॉयलेट और स्नानागार चेंजिंग रूम हैं सभी को ठीक करवाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा गयाजी डैम में लोग पिंडदान छोड़ते हैं उस दौरान गयाजी डैम के पानी की सफाई रखना भी चुनौती पूर्ण रहेगा. इसके लिए भी पर्याप्त सफाई कर्मी के जरिए नदी में प्रवाहित पूजन सामग्री को भी साफ करवाने का निर्देश अधिकारियों को मिला है ताकि नदी का पानी पूरी तरह स्वच्छ और निर्मल रहे.

अक्षय वट वेदी स्थल के निरीक्षण के दौरान हाई मास्क लाइट लगवाने का निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए सेड निर्माण करवाने का निर्देश दिए हैं. यहां भी साफ सफाई, पेयजल, रोशनी हेतु लाइट, पंखा, पेयजल की व्यवस्था, चेंजिंग रूम और पर्याप्त टॉयलेट की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया गया है. ब्रह्मसत और वैतरणी तालाब वेदी स्थल के निरीक्षण के दौरान तालाब के पानी को साफ करवाने का निर्देश दिया गया ताकि तालाब का पानी पूरी तरह स्वच्छ रह सके. सरस्वती वेदी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बोधगया से सरस्वती वेदी स्थल आने वाली सड़क को दुरुस्त करवाने का निर्देश दिया.

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