जांच में पुष्टि: कंपनी की दवा से सूखी फसलें।
विदिशा में HPM केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कंपनी द्वारा बेची गई खरपतवारनाशी से लगभग 40 किसानों की सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई थी।
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किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी की क्लोरीम्यूरान इथॉयल 25 WP (बायोक्लोर) नामक खरपतवारनाशी से उनकी 80-90% फसल बर्बाद हो गई। प्रभावित किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। खाद एवं बीज विक्रेता संघ ने भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जांच दल ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि दवा के प्रयोग से फसलें सूख गईं। ये कीटनाशी अधिनियम 1968 का उल्लंघन है।
अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुईं एफआईआर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. शर्मा ने कंपनी के पांच अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इनमें अनिष कुमार पाण्डेय, मंगाराम, अश्विनी कुमार, सुजीत पंचरिया और अशोक अग्रवाल शामिल हैं। उन पर कीटनाशी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं।
विक्रेताओं को नियमों का पालन करने की चेतावनी इससे पहले रतलाम और देवास जिलों में भी इसी कंपनी के खिलाफ फसल बर्बादी के मामले दर्ज हुए हैं। कृषि विभाग ने जिले के सभी कीटनाशक व उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है।