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कहा गया था ‘हीरो मटीरियल नहीं हो’, आज करोड़ों दिलों में राज करते हैं प्रतीक गांधी

कहा गया था ‘हीरो मटीरियल नहीं हो’, आज करोड़ों दिलों में राज करते हैं प्रतीक गांधी
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गुजराती थिएटर से एक्टिंग सीखने के बाद प्रतीक गांधी ने फिल्मों का रुख किया था. देखते ही देखते उन्होंने अपने बेहतरीन किरदारों से मैन नेक्स्ट डोर की इमेज बना ली. लेकिन उनके लिए ये सफर तय करना आसान नहीं था.

जराती थिएटर से एक्टिंग की बारीकियां सीखने के बाद उन्होंने 2020 में स्कैम 1992 से ओटीटी की दुनिया में कदम रखा. पहली ही सीरीज से उन्होंने दर्शकों के मन में अपने किरदार की अमिट छाप छोड़ दी.

जराती थिएटर से एक्टिंग की बारीकियां सीखने के बाद उन्होंने 2020 में स्कैम 1992 से ओटीटी की दुनिया में कदम रखा. पहली ही सीरीज से उन्होंने दर्शकों के मन में अपने किरदार की अमिट छाप छोड़ दी.

आजकल प्रतीक गांधी अपनी सीरीज 'सारे जहां से अच्छा' को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं. भारतीय रॉ एजेंट के रोल में उनकी सराहना की जा रही है. अब हाल ही में उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अपने स्ट्रगलिंग पीरियड को याद किया.

आजकल प्रतीक गांधी अपनी सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’ को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं. भारतीय रॉ एजेंट के रोल में उनकी सराहना की जा रही है. अब हाल ही में उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अपने स्ट्रगलिंग पीरियड को याद किया.

अभिनेता ने बताया कि 20 साल पहले शुरुआती दिनों में जब वो ऑडिशन देने जाते थे तो कई बार डायरेक्टर्स ने उन्हें कहा, 'गुड एक्टर, अच्छा कर लेते हो बट देखते हैं'. एक्टर ने आगे कहा डायरेक्टर्स की ये बात सुनकर वो हमेशा सोचते थे कि उनमें क्या कमी है.

अभिनेता ने बताया कि 20 साल पहले शुरुआती दिनों में जब वो ऑडिशन देने जाते थे तो कई बार डायरेक्टर्स ने उन्हें कहा, ‘गुड एक्टर, अच्छा कर लेते हो बट देखते हैं’. एक्टर ने आगे कहा डायरेक्टर्स की ये बात सुनकर वो हमेशा सोचते थे कि उनमें क्या कमी है.

इंटरव्यू में प्रतीक ने खुलासा किया कि कई बार तो उन्हें ये भी कहा गया कि वो हीरो मटेरियल नहीं हैं. प्रतीक ने कहा, 'जिस तरह की डेफिनेशन हमें एक एक्टर की दी गई है वो इतनी अलग थी कि अगर आप उस रंग, आकार के नहीं हो तो आप एक्टर की श्रेणी में नहीं आते.'

इंटरव्यू में प्रतीक ने खुलासा किया कि कई बार तो उन्हें ये भी कहा गया कि वो हीरो मटेरियल नहीं हैं. प्रतीक ने कहा, ‘जिस तरह की डेफिनेशन हमें एक एक्टर की दी गई है वो इतनी अलग थी कि अगर आप उस रंग, आकार के नहीं हो तो आप एक्टर की श्रेणी में नहीं आते.’

हालांकि प्रतीक गांधी ने इन सभी बातों का कभी ध्यान नहीं दिया और मेहनत और लगन से अपना नया मुकाम हासिल किया है. 2005 में उन्होंने गुजराती थिएटर्स से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्हें 'लवयात्री' और 'मित्रों' जैसी फिल्मों में छोटे रोल्स में देखा गया.

हालांकि प्रतीक गांधी ने इन सभी बातों का कभी ध्यान नहीं दिया और मेहनत और लगन से अपना नया मुकाम हासिल किया है. 2005 में उन्होंने गुजराती थिएटर्स से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्हें ‘लवयात्री’ और ‘मित्रों’ जैसी फिल्मों में छोटे रोल्स में देखा गया.

2020 में 'स्कैम 1992' से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला और यही से उनके स्टारडम की शुरुआत हुई. इसके बाद उन्होंने 'मडगांव एक्सप्रेस', 'दो और दो प्यार', 'धूम धाम' जैसे फिल्मों में लीड रोल में देखा गया.

2020 में ‘स्कैम 1992’ से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला और यही से उनके स्टारडम की शुरुआत हुई. इसके बाद उन्होंने ‘मडगांव एक्सप्रेस’, ‘दो और दो प्यार’, ‘धूम धाम’ जैसे फिल्मों में लीड रोल में देखा गया.

प्रतीक गांधी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में बात करें तो उन्हें हंसल मेहता की सीरीज 'गांधी' में लीड रोल में देखा जाएगा. इस सीरीज का वर्ल्ड प्रीमियर 2025 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान होगा.

प्रतीक गांधी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में बात करें तो उन्हें हंसल मेहता की सीरीज ‘गांधी’ में लीड रोल में देखा जाएगा. इस सीरीज का वर्ल्ड प्रीमियर 2025 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान होगा.

पर प्रकाशित: 22 अगस्त 2025 08:01 PM (IST)


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