नालंदा जिले के बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और नर्सिंग स्टाफ व गार्ड के साथ मारपीट भी की।
इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत डॉक्टर विश्वजीत कुमार ने बताया कि दीपनगर थाना क्षेत्र के नेपुरा गांव निवासी संजय सिंह को परिजन अस्पताल लेकर आए थे। जांच के दौरान पाया गया कि उनकी पहले से ही मौत हो चुकी थी। जब नवस और सांस की जांच की गई तो कोई गतिविधि नहीं मिली। इस पर डॉक्टर ने मृत घोषित किया। इसी बात पर परिजन भड़क उठे और आरोप लगाया कि बिना इलाज किए ही मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की।
घटना की जानकारी मिलने पर सदर डीएसपी नुरुल हक मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मरीज को अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने जांच की और बताया कि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। इसी को लेकर कुछ लोग आक्रोशित हो गए और मारपीट व तोड़फोड़ की। हंगामा करने वालों की पहचान की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, नेपुरा गांव के संजय सिंह नवरात्रि पर सीने पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे थे। इसी दौरान सोमवार की शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। मंगलवार सुबह उन्हें बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गांववालों और परिजनों का आरोप है कि तबीयत बिगड़ने की सूचना देने के बाद भी गांव में मेडिकल टीम नहीं भेजी गई। इसी लापरवाही के कारण यह घटना हुई। फिलहाल, घटना के बाद अस्पताल की ओपीडी सेवा ठप कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।