बिहार में 4 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट शामिल है। जिसके बाद मुजफ्फरपुर कोर्ट कैंपस में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। ई-मेल के जरिए मिली धमकी के बाद जिला पुलिस और कोर्ट
.
जिला कोर्ट के सभी मुख्य और वैकल्पिक प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल के साथ अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। कोर्ट परिसर में आने वाले अधिवक्ता, वादकारी, न्यायिक कर्मचारी और आम नागरिक सभी की पहचान और सामान की गहन जांच की जा रही है। मेटल डिटेक्टर, हैंड हेल्ड स्कैनर और मैनुअल तलाशी के बाद ही किसी को अंदर प्रवेश दिया गया।
कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दो लेयर में सुरक्षा व्यवस्था
कोर्ट प्रशासन की ओर से दो लेयर की सुरक्षा जांच प्रणाली लागू की गई है। पहले चरण में सुरक्षाकर्मी मैनुअल जांच कर रहे हैं, जबकि दूसरे चरण में आधुनिक स्कैनर से जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
व्यवहार न्यायालय मुजफ्फरपुर के कोर्ट प्रभारी सियाराम सिंह ने बताया कि हमलोग पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। कोर्ट परिसर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रवेश द्वार पर दो चरणों में जांच के बाद ही लोगों को अंदर आने दिया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध वस्तु की संभावना पर तुरंत सतर्कता बरती जा रही है। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।
चेकिंग के बाद दी जा रही एंट्री।
अधिवक्ताओं ने जताई चिंता
सिविल कोर्ट के वकील राजीव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कोर्ट की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए और बेहतर सुरक्षा की जरूरत है। आने-जाने वाले लोगों की नियमित जांच होती है। इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
आम जनता से अफवाह से बचने की अपील
जिला पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा कर्मियों को दें। अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है