Imtdot

पीजी विभागों में रोज की चीजों की पूर्ति में भी देर – Patna News

पीजी विभागों में रोज की चीजों की पूर्ति में भी देर – Patna News
Spread the love share




पटना विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों ने विभागीय खाते के संचालन में हाल ही में किए गए प्रशासनिक बदलाव पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की कुलपति को एक संयुक्त आवेदन सौंपकर विभागीय खाते में वित्त पदाधिकारी को हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि हालिया प्रशासनिक आदेश के तहत विभागीय खाते के संचालन में पटना विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी को भी हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया है। पूर्व में विभागीय खाते का संचालन विभागाध्यक्ष एवं विभाग के एक संकाय सदस्य द्वारा किया जाता था, जिससे दैनिक एवं आकस्मिक खर्चों का निपटारा सहज रूप से हो पाता था। जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, फ़ारसी सहित अन्य स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों ने आवेदन में कहा है कि वित्त पदाधिकारी को हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने से विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, फ़ारसी सहित अन्य स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों ने आवेदन में कहा है कि वित्त पदाधिकारी को हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने से विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो शशिभूषण राय ने बताया कि फाइलों के सत्यापन एवं हस्ताक्षर में कई दिनों से लेकर सप्ताहों तक का समय लग रहा है, जिससे विभागों के रखरखाव के साथ-साथ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। पत्र के माध्यम से कुलपति से आग्रह किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि विभागीय खातों का संचालन पुनः विभागाध्यक्ष एवं एक संकाय सदस्य द्वारा किया जा सके और आकस्मिक खर्चों में होने वाले अनावश्यक विलंब से बचा जा सके।



Source link


Spread the love share
Exit mobile version