जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर.
प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज उप चुनाव में एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं की है। लेकिन, महागठबंधन की हार में बड़ी भूमिका निभाई है। जनसुराज ने चारों सीट पर वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की है। इमामगंज में जनसुराज उम्मीदवार को करीब 37 हजार वोट मिले हैं। यह
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प्रशांत किशोर ने मतगणना के बाद पटना में कहा कि ‘जो सरकार चल रही है, वो चलती रहे। जनता जिसे चाही उसे वोट की। जन सुराज की परिकल्पना को लेकर बिहार में एक नई सोच बनी है। एक महीने पहले पार्टी बनी है। इसके बाद 10 प्रतिशत वोट लाकर एक शुरुआत की है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, उसे 21 प्रतिशत वोट मिला है। हमारी पार्टी के कैंडिडेट को वोट तो मिला। अगर 10 वर्ष लगेगा तो भी प्रशांत किशोर इस अभियान से पीछे नहीं हटेगा।’
प्रशांत किशोर ने 4 सीटों पर मतगणना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडियाकर्मियों को संबोधित किया।
अगले 6 महीने में बदलेगा समीकरण
उन्होंने बताया कि ‘ओवरऑल जन सुराज को 70 हजार वोट मिला है। जन सुराज अभियान को समझना और उसके आधार पर वोट करने में अंतर है। दल को सफलता मिले, इसको लेकर जिम्मेवारी ले रहा हूं। 10 प्रतिशत वोट मिला है। इसकी जिम्मेवारी भी प्रशांत किशोर की है।
6 महीना लोकतंत्र में लंबा समय है। झारखंड और महाराष्ट्र के परिणाम को देख लीजिए। वोट में परिवर्तित करने का प्रयास एक साल के भीतर मैं करूंगा। एक महीना पहले कोई पार्टी बने और 10 प्रतिशत वोट लाए, ऐसा पहले नहीं हुआ है।’