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Patna Ganga Kinare: पटना के जेपी गंगा पथ को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए 13500 स्क्वायर फीट के क्षेत्र की सुंदरता को बढ़ाने के लिए कई तरह के बदलाव किए जाएंगे साथ ही सुविधाओं में बढ़…और पढ़ें
पटना: बिहार की राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ के पास स्थित दीघा गोलंबर के क्षेत्र को लोग मरीन ड्राइव के नाम से जानते हैं, लेकिन अब इसे ‘गंगा किनारे’ के नाम से पहचाना जाएगा. पटना के जेपी गंगा पथ को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए 13500 स्क्वायर फीट के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाई जाएगी और सुविधाएं भी बढ़ेंगी. टूरिस्ट जब बिहार घूमने आयेंगे तो वे पटना के ‘गंगा किनारे’ जरूर आयेंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट का नाम ‘गंगा किनारे’ रखा गया है.
गंगा के अलग-अलग नाम के गेट लगेंगे
गंगा किनारे सैर करने वालों को गंगा के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में बताया जाएगा. गंगा के अलग-अलग नामों और उनके उद्गम स्थल से लेकर विभिन्न शहरों और हिस्सों से गुजरने के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके लिए 15 से ज्यादा आर्क गेट बनाए जाएंगे, जिनके ऊपर गंगा के अलग-अलग नाम जैसे मंदाकिनी, देव नदी, भागीरथी, सुरसरिता, जाह्नवी लिखे होंगे. इन आर्क गेटों की ऊंचाई 25 फीट होगी. चेन्नई के कारीगर इसका निर्माण करेंगे.
3D म्यूरल मूर्ति लगेगी
दीघा गोलंबर के पास लोकनायक जयप्रकाश नारायण और अटल पथ पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 3D प्रतिमा और म्यूरल लगेगी. साथ ही बगल में 3D में जेपी गंगा पथ भी लिखा होगा. इसे अलग-अलग लाइटों से सजाया जाएगा और सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जाएगा. यह पटना की नई पहचान बनकर उभरने वाला है. यह दोनों 3D म्यूरल 12 फीट ऊंचा होगा, जिसे जीआरसी मटेरियल से तैयार किया जाएगा. इसे दिल्ली के कारीगर बनाएंगे.
फूड कोर्ट और पार्क का निर्माण
दीघा गोलंबर के पास 100 मीटर के क्षेत्र में यह विकास किया जाएगा. दीघा गोलंबर के पास प्रस्तावित फूड कोर्ट के शुरुआती हिस्से में भव्य प्रवेश द्वार बनेगा. फूड कोर्ट की खासियत को यहां डिस्प्ले किया जाएगा. ताकि लोगों को पूरी जानकारी मिल सके. फिलहाल, कई रंग-बिरंगे फूड कोर्ट जेपी गंगा पथ पर इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जो बेहद खूबसूरत दिख रहे हैं.
पेड़-पौधों से सजा रहेगा पूरा इलाका
पटना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जेपी गंगा पथ को नया लुक दिया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में 100 मीटर के दायरे में करीब 10 हजार पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पूरा इलाका हरियाली से भर जाएगा. इसके अलावा जगह-जगह आकर्षक डेकोरेटिव लाइटें जैसे फसाड लाइट, पोस्ट लाइट, हाइलाइटर और गार्डन लाइट लगाई जाएंगी, ताकि रात में भी यह क्षेत्र खूबसूरत नजर आए. करीब 8 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में फ्लोरिंग का काम होगा, जिसके लिए राजस्थान से विशेष लाइमस्टोन मंगाए जा रहे हैं. इस पूरे प्रोजेक्ट पर 52.81 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इस प्रस्ताव पर 25 अगस्त को होने वाली पटना स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिलेगी.
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