नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले में पिछले दिनों हुई अच्छी बारिश के बाद सभी जलाशय अघा गए हैं। जिले के सभी पांच प्रमुख जलाशयों में वाटर लेवल इस सीजन के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है।
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले में पिछले दिनों हुई अच्छी बारिश के बाद सभी जलाशय अघा गए हैं। जिले के सभी पांच प्रमुख जलाशयों में वाटर लेवल इस सीजन के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में सिंचाई की चिंता अब पूरी तरह से दूर हो गई है। फिलहाल जिले के यह सभी पांच जलाशय न सिर्फ खरीफ वरन रबी फसल को भी सिंचित करने में सक्षम हो गए हैं। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले के सभी प्रमुख पांच जलाशयों में शामिल फुलवरिया जलाशय, कोल महादेव जलाशय, पुरैनी जलाशय, जॉब जलाशय और ताराकोल जलाशय में वाटर लेवल वर्तमाान में फूल रिजर्वेयर लेवल अर्थात पूर्ण जलाशय स्तर यानी जलाशय की कुल जल क्षमता के बेहद करीब तक पहुंच चुका है। यह स्थिति जिले की सिंचाई जरूरतों के लिए बेहद अनुकूल हो गई है, जो जिले के किसानों के लिए खुशी की खबर है। उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन के तहत जून-जुलाई जैसे महीने में भी इन जलाशयों में वाटर लेवल डेड स्टोरेज लेवल से भी नीचे था, जिससे जिले के किसानों की चिंता बढ़ी हुई थी। आखिरकार जिले पर भी मानसून मेहरबान हुआ और फिर जलाशय लबालब भरते चले गए। बल्कि वर्तमान स्थिति यह है कि मानसून जहां 25 सितम्बर तक विदा हो जाता था, वह इस वर्ष अक्टूबर का आधा महीना बीत जाने के बाद विदा होने के क्रम में है। कुल मिला कर खरीफ के साथ ही आगामी रबी सीजन के सिंचाई संसाधन भी एकदम से अनुकूल हो कर रह गया है। फुलवरिया जलाशय की स्थिति सबसे बेहतर जिले के फुलवरिया जलाशय की स्थिति फिलहाल सबसे बेहतर है। रजौली सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार तक के आंकड़ों के मुताबिक फुलवरिया जलाशय में वर्तमान में 583.80 फीट पानी है जबकि इस जलाशय की क्षमता अर्थात एफआरएल 592 फीट है। इस प्रकार पूर्ण क्षमता से महज नौ फीट का अंतर शेष रह गया है। फुलवरिया जलाशय का डेड स्टोरेज लेवल यानी निष्क्रिय भंडारण स्तर 561.50 फीट है। इस प्रकार, वर्तमान में इस जलाशय से लगभग 22 फीट से अधिक पानी का इस्तेमाल निर्बाध रूप से सिंचाई के लिए उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि फुलवरिया जलाशय से जिले के 25515 एकड़ जमीन सिंचित हैं। इसके बाद जॉब जलाशय का वाटर लेवल काफी अच्छी स्थिति में है। इस जलाशय में का एफआरएल 489 फीट है जबकि डीएसएल 461.50 फीट है। वर्तमान में इस जलाशय में 485.20 फीट पानी उपलब्ध है। इस प्रकार लगभग 24 फीट पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि इस जलाशय से जिले का 8269 एकड़ जमीन सिंचित है। कोल महादेव जलाशय की भी स्थिति जॉब जलाशय सरीखा कोल महादेव जलाशय की भी स्थिति जॉब जलाशय सरीखा ही है। इसका एफआरएल 540 फीट है जबकि डीएसएल 477.50 फीट है। वर्तमान में 501.50 फीट पानी उपलब्ध है। इस प्रकार, इस जलाशय में भी 24 फीट पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध है। इस जलाशय से 3140 फीट एकड़ जमीन सिंचित है। पुरैनी जलाशय का एफआरएल 436 फीट है जबकि डीएसएल 422 फीट है। वर्तमान में 433.80 फीट पानी इस जलाशय में उपलब्ध है। इस प्रकार, लगभग 11 फीट पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध है। इस जलाशय से 920 एकड़ भूमि सिंचित है। जिले के पांचवें सबसे प्रमुख जलाशय ताराकोल का एफआरएल 511.40 फीट है और डीएसएल 485.86 फीट है। वर्तमान में 501.25 फीट पानी उपलब्ध है और इस प्रकार, 16 फीट पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध है। इस जलाशय से 496.77 एकड़ जमीन सिंचित है। जिले के जलाशयों से हजारों गांव को मिलता है लाभ नवादा। जिले के सभी प्रमुख पांच जलाशयों से लगभग एक सौ पंचायतों के किसानों को लाभ मिलता है। सभी प्रमुख पांच जलाशयों से सीधे विभिन्न जलश्रोतों से जुड़े इन पंचायतों के लगभग पांच हजार गांवों के पांच लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नवादा जिला के रैन साइको एरिया में पड़ने के कारण यहां के किसान हमेशा से सिंचाई के संसाधनों की कमी से गुजरते रहे हैं। प्रकृति प्रदत्त पानी का अभाव तो हमेशा से ही रहा है लेकिन सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता के साधन भी इनकी जरूरतों को पूरी करने में अक्षम साबित होते रहे हैं। खींचतान कर ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता हो पाती है। लेकिन इस वर्ष ऐसी कोई कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी जलाशयों में 11 से लेकर 24 फीट तक सिंचाई के लिए उपयोगी जल की उपलब्धता किसानों के लिए बड़ी मददगार साबित होगी।