‘धक्का मारकर बाहर कर दिया’, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर भूपेश बघेल का तंज

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया गया. बघेल ने बिहार और महाराष्ट्र चुनाव रिजल्ट्स का जिक्र किया जहां कोई पार्टी इधर-उधर नहीं हो सकती. नीतीश दसवीं बार शपथ लेकर भी धाराशाही हो गए. बिहार में नया सीएम आएगा. बघेल ने धान सुखत, राज्यपाल फेरबदल और होली की घटनाओं पर भी सरकार को घेरा.

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भूपेश बघेल ने नीतीश कुमार पर तंज कसा है.

रायपुर. छत्‍तीसगढ़ के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को धक्‍का मारकर बाहर कर दिया गया है. उन्‍होंने कहा कि बिहार और महाराष्‍ट्र के चुनाव परिणामों के बाद यह सबसे बड़ी हलचल है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्‍यसभा जाने की चर्चा के बीच भूपेश बघेल ने तंज कसा है. उन्‍होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार दसवीं बार शपथ लेकर भी धाराशाही हो गए. अब बिहार में नया सीएम आएगा. उन्‍होंने छत्‍तीसगढ़ सरकार, धान मुद्दे, राज्‍यपाल फेरबदल और होली पर हुए घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया दी. भूपेश बघेल ने कहा कि बिहार और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम ऐसे आए थे, जिनमें किसी भी पार्टी के लिए स्थिति बदलना आसान नहीं था. इसके बावजूद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले और अब चर्चा इस बात की है कि राज्य की सत्ता में नया नेतृत्व सामने आ सकता है. उन्होंने कहा कि गठबंधन राजनीति में कई बार रणनीतिक फैसले लिए जाते हैं, जिनका असर सीधे सत्ता के शीर्ष पदों पर दिखाई देता है.

बघेल के मुताबिक नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता के साथ भी अगर ऐसी स्थिति बनती है, तो यह पूरे राजनीतिक परिदृश्य को समझने का संकेत देती है. लंबे समय तक बिहार की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच देश की राजनीति में भी नई बहस छिड़ गई है. इसी मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में कई बार ऐसे फैसले सामने आते हैं, जो जनता के जनादेश से अलग दिखाई देते हैं. उनका कहना था कि जिस नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ा जाता है और जीत हासिल की जाती है, वही नेतृत्व बाद में सत्ता के समीकरणों में कमजोर पड़ जाता है.

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा
हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की ओर रुख कर सकते हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसा होता है, तो राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. नीतीश कुमार देश के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने बिहार की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया है. वे कई बार मुख्यमंत्री बने और राज्य की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ऐसे में उनका राज्यसभा जाना सिर्फ व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे व्यापक राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है.

भूपेश बघेल बोले- गठबंधन राजनीति में नेतृत्व की स्थिति हमेशा स्थिर नहीं रहती
रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि नीतीश कुमार अनुभवी नेता हैं और उन्होंने दस बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां यह दिखाती हैं कि गठबंधन राजनीति में नेतृत्व की स्थिति हमेशा स्थिर नहीं रहती. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भी कई बार संकेत मिले थे कि मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्पष्टता नहीं थी. इसके बावजूद चुनाव लड़ा गया और जीत भी मिली. बघेल ने कहा कि ऐसे हालात में अगर नेतृत्व में बदलाव की चर्चा होती है तो यह स्वाभाविक रूप से राजनीतिक बहस का विषय बन जाता है.

धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार पर निशाना
भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि सरकार ने धान में आने वाली सुखत को काटने की बात कही है. इससे बचने के लिए कई जगहों पर धान को पानी से भिगोने जैसी घटनाओं की चर्चा सामने आ रही है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश कम हुई, फिर भी वहां बड़ी मात्रा में धान खरीदी के आंकड़े सामने आए हैं. बघेल के अनुसार इससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं और सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए.

कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि होली जैसे त्योहार के दिन भी कई जगह हिंसक घटनाएं सामने आईं. चाकूबाजी और हमले जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने कहा कि अगर कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर नहीं होती, तो इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ता है. ऐसे में सरकार को जिम्मेदारी लेते हुए सख्त कदम उठाने चाहिए.

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

सुमित वर्मा

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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