बिहार के पूर्वी चंपारण के बरियारपुर निवासी गौरव कुमार की जिद ने हजारों मरीजों को राहत दी है. IIT पटना के पूर्व छात्र गौरव बचपन से मेधावी और सामाजिक समस्याओं के प्रति सजग रहे. मोतिहारी से बड़े शहर पढ़ने पहुंचे तो अस्पतालों में गांव से आए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा देख व्यथित हुए. बिचौलियों के शोषण ने उन्हें समाधान खोजने को प्रेरित किया. मां के कैंसर का पता चलने पर सही डॉक्टर ढूंढने में हुई कठिनाइयों ने उनका संकल्प मजबूत किया और उन्होंने व्यवस्था बदलने की ठान ली.